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jnv hindi - ( hindi अपठित गद्यांश -1 )

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अपठित गद्यांश -1

776 ई. पूर्व से पत्येक 4 वर्ष बाद यूनानीवासी बहुत बड़ा उत्सव मनाया करते थे | महान देवता जियूस के सम्मान में कलाकार, लेखक,और खिलाडी एकत्रित होते थे | ओलंपिया शहर में प्रतियोगिताएँ आयोजित होती थी, इसलिए इस आयोजन को ओलम्पिक खेल कहा जाने लगा | उन दिनों में ओलम्पिक खेलो में केवल खेलकूद की प्रतियोगिताएँ ही नहीं होती थी, नाटक और कवियों द्वारा कविता पाठ होते तथा साथ ही दौड़े भी | यूनानवासियो के लिए ये खेल मन और शारीर के मेल थे और जितने का प्रयास देवताओ के राजा जियूस के प्रति सम्मान था | ये कार्यक्रम तीन  दिन तक चलते थे | खिलाड़ी दौड़ते, कुश्ती लड़ते, घुड़सवारी करते और रथ दौड़ाते थे | खेल ओलम्पिक की शपथ से प्रारंभ होते थे और पुरस्कार तथा दावत के साथ समाप्त होते थे |

  1. ओलम्पिक खेल सर्वप्रथम कब आयोजित हुए थे ?

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  1. ओलम्पिक किस शहर में आयोजित किये जाते थे ?

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  1. खेलो से मेल होता है ?

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  1. जियूस था ?

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प्रतियोगिता का पर्यायवाची होता है ?

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अपठित गद्यांश -2

मरुस्थलों में बहुत-सा पशु जीवन प्राप्त होता है। रात में रेगिस्तानी छिपकलियाँ अपने छिद्रों से बाहर निकलती हैं। अनेक प्रकार के जहरीले साँप, बिच्छू, लोमडियाँ और कीड़े-मकोडे और पक्षी प्राप्त होते हैं। सहारा, अरब और थार के मरुस्थलों में अपना सामान एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में ऊँटों का उपयोग स्थानीय लोगों के द्वारा किया जाता है। ऊँट जिसे 'मरुस्थल का जहाज' भी कहा जाता है. बालू में मीलों चल सकता है। इसकी आँखों की बरौनियाँ लम्बी होती है और यह अपने नाक के छिद्रों को बन्द रख सकता है। इससे यह रेत से अपनी आँखों और नाक को बचा सकता है। इसके पैर सपाट और गद्देदार होते हैं और पीठ पर एक या दो कूबड़ होते हैं। ऊँट एक बार में अनेक लीटर पानी पी सकता है और उसके बाद एक सप्ताह से अधिक तक बिना पानी के चल सकता है। मरुस्थल के निवासियों के लिए ऊँट अपरिहार्य है।

  1. इस अनुच्छेद के लिए सबसे उपयुक्त शीर्षक कौन-सा है?

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  1. रात में अपने छिद्रों से कौन-सा पशु बाहर निकलता है?

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  1. ऊँट एक सप्ताह से अधिक तक बिना पानी पीए चल सकता है, क्योंकि

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  1. पैरा में 'अपरिहार्य' शब्द का अर्थ है

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  1. पानी का पर्यायवाची होगा

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अपठित गद्यांश -3

श्रीमती सेन को आभूषणों का बड़ा शौक था। उनके जन्मदिन के अवसर पर श्री सेन ने उन्हें सोने और हीरों का एक सुन्दर हार खरीदकर दिया। श्रीमती सेन ने उस हार को थोड़ी देर पहना और उसके बाद उतार दिया। उन्होंने उसे अपने कमरे की मेज पर रख दिया। उसके बाद वे स्नानागार नहाने चली गई। एक बूढ़ा बन्दर उनके घर के पास वाले पेड़ पर चढ़ा और बालकनी से कूद गया। एक खुली खिड़की से वह कमरे के अन्दर घुस गया। बन्दर को वहाँ हार मिल गया और उसने उसे अपनी गर्दन पर लपेट लिया। उसके बाद बन्दर ने साइड टेबल पर रखे हुए चॉकलेट और फल खाए। जब श्रीमती सेन स्नानागार से लोटी, तो उन्हें अपना हार नहीं मिला। वे जोर से चिल्ला पड़ी।

 

  1. श्रीमती सेन ने अपने जन्मदिन के अवसर पर क्या पहना था ?

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  1. श्रीमती सेन ने हार कहाँ रखा था?

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  1. बन्दर कमरे में कैसे घुसा ?

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  1. श्रीमती सेन के हार का क्या हुआ?

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  1. 'चिल्ला पड़ी' का क्या अर्थ है?

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